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एमपी में 305 करोड़ की जुर्माना राशि दबाकर बैठे खनन माफिया पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- फिर नई लीज कैसे दे दी

ग्वालियर. प्रदेश में अवैध खनन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं. कोर्ट ने पूछा है कि जिन खनन संचालकों पर 305 करोड़ 97 लाख रुपए की पेनल्टी बकाया है, उनसे अब तक वसूली क्यों नहीं की गई और ऐसे डिफाल्टरों को दोबारा खनन लीज किस आधार पर दे दी गई. ग्वालियर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ, जिसमें जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव शामिल हैं, ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह नाराजगी जताई. यह याचिका अकरम खान की ओर से दायर क

pradeep dwivedi30 Jun 2026, 10:49👁 0 views
एमपी में 305 करोड़ की जुर्माना राशि दबाकर बैठे खनन माफिया पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- फिर नई लीज कैसे दे दी
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ग्वालियर. प्रदेश में अवैध खनन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं. कोर्ट ने पूछा है कि जिन खनन संचालकों पर 305 करोड़ 97 लाख रुपए की पेनल्टी बकाया है, उनसे अब तक वसूली क्यों नहीं की गई और ऐसे डिफाल्टरों को दोबारा खनन लीज किस आधार पर दे दी गई. ग्वालियर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ, जिसमें जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव शामिल हैं, ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह नाराजगी जताई. यह याचिका अकरम खान की ओर से दायर क

Source: Palpal India

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