उज्जैन में साल के सबसे लंबे दिन दुर्लभ खगोलीय घटना:जीरो शैडो-डे पर कुछ समय के लिए गायब हुईं परछाइयां, विद्यार्थियों में देखा गया उत्साह
साल के सबसे लंबे दिन रविवार को उज्जैन में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली। दोपहर के समय कुछ देर के लिए लोगों और खड़ी वस्तुओं की परछाई दिखाई देना बंद हो गई। इस घटना को वैज्ञानिक भाषा में ‘जीरो शैडो डे’ कहा जाता है। उज्जैन स्थित जंतर-मंतर वेधशाला के खगोल विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र गुप्त ने बताया कि जब सूर्य की किरणें किसी स्थान पर बिल्कुल लंबवत पड़ती हैं, तो खड़ी वस्तुओं की छाया उनके ठीक नीचे आ जाती है और कुछ समय के लिए नजर नहीं आती। इसी स्थिति को जीरो शैडो डे कहा जाता है। दोपहर 12:28 बजे दिखा अद्भ
साल के सबसे लंबे दिन रविवार को उज्जैन में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली। दोपहर के समय कुछ देर के लिए लोगों और खड़ी वस्तुओं की परछाई दिखाई देना बंद हो गई। इस घटना को वैज्ञानिक भाषा में ‘जीरो शैडो डे’ कहा जाता है। उज्जैन स्थित जंतर-मंतर वेधशाला के खगोल विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र गुप्त ने बताया कि जब सूर्य की किरणें किसी स्थान पर बिल्कुल लंबवत पड़ती हैं, तो खड़ी वस्तुओं की छाया उनके ठीक नीचे आ जाती है और कुछ समय के लिए नजर नहीं आती। इसी स्थिति को जीरो शैडो डे कहा जाता है। दोपहर 12:28 बजे दिखा अद्भ
Source: Bhaskar
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