Breaking
Delhi में बदलेगा मौसम, 40 से 30 डिग्री पर आएगा पारा! IMD का North India को भारी बारिश अलर्टकिरीबुरू में अनियंत्रित स्कॉर्पियो गहरी नाली में जा घुसी, बड़ा हादसा टलाUP Monsoon Alert: लखनऊ-वाराणसी समेत कई जिलों में भारी बारिश, Orange-Yellow Alert जारीCG Weather Update: आज भी बरसेंगे बादल, रायपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक का अलर्टदिल्ली-NCR में आज से बदलेगा मौसम, IMD ने यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्टMorning Breaking: UPSC सहायक कमांडेंट परीक्षा आज, 149 बस ऑपरेटरों को नोटिस, बैद्यनाथ धाम के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेनDelhi में बदलेगा मौसम, 40 से 30 डिग्री पर आएगा पारा! IMD का North India को भारी बारिश अलर्टकिरीबुरू में अनियंत्रित स्कॉर्पियो गहरी नाली में जा घुसी, बड़ा हादसा टलाUP Monsoon Alert: लखनऊ-वाराणसी समेत कई जिलों में भारी बारिश, Orange-Yellow Alert जारीCG Weather Update: आज भी बरसेंगे बादल, रायपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक का अलर्टदिल्ली-NCR में आज से बदलेगा मौसम, IMD ने यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्टMorning Breaking: UPSC सहायक कमांडेंट परीक्षा आज, 149 बस ऑपरेटरों को नोटिस, बैद्यनाथ धाम के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन
National

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- ‘तारीख पर तारीख’ आपराधिक न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं बन सकती

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में होने वाली अत्यधिक देरी को लेकर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि 'तारीख पर तारीख' की संस्कृति हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति राजीव भारती ने यह बात बहराइच जिले के करीब 25 साल पुराने अपहरण के एक मामले में सुनवाई के दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले को दो दशक से अधिक समय तक लटकाए रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई की गारंटी का सीधा उल्लंघन है। यह पूरा म

प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क18 Jul 2026, 04:17👁 0 views
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- ‘तारीख पर तारीख’ आपराधिक न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं बन सकती
Advertisement

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में होने वाली अत्यधिक देरी को लेकर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि 'तारीख पर तारीख' की संस्कृति हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति राजीव भारती ने यह बात बहराइच जिले के करीब 25 साल पुराने अपहरण के एक मामले में सुनवाई के दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले को दो दशक से अधिक समय तक लटकाए रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई की गारंटी का सीधा उल्लंघन है। यह पूरा म

Source: Prabhasakshi

Advertisement

Related News