इंडियन आर्मी में अग्निवीर बनना गल्फ की मजदूरी से लाख गुना बेहतर: जानिए गोरखा भर्ती पर अड़ंगा लगाकर नेपाल कैसे कर रहा है अपने ही युवाओं और अर्थव्यवस्था का भारी नुकसान
भारतीय सेना और नेपाल के बहादुर गोरखा सैनिकों के बीच का रिश्ता केवल दो देशों के द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो सदियों से अधिक पुराने अटूट विश्वास, अदम्य शौर्य और गहरे सैन्य भाईचारे की ऐतिहासिक मिसाल है। 'कायर हुनु भन्दा मर्नु राम्रो' (कायर बनने से मरना बेहतर है) के अमर उद्घोष के साथ रणभूमि में अपनी खुखरी चमकाने वाले गोरखा जांबाजों ने 1947 के बाद से भारत के हर युद्ध और सीमा सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। लेकिन साल 2022 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई 'अग्निपथ योजना' (

भारतीय सेना और नेपाल के बहादुर गोरखा सैनिकों के बीच का रिश्ता केवल दो देशों के द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो सदियों से अधिक पुराने अटूट विश्वास, अदम्य शौर्य और गहरे सैन्य भाईचारे की ऐतिहासिक मिसाल है। 'कायर हुनु भन्दा मर्नु राम्रो' (कायर बनने से मरना बेहतर है) के अमर उद्घोष के साथ रणभूमि में अपनी खुखरी चमकाने वाले गोरखा जांबाजों ने 1947 के बाद से भारत के हर युद्ध और सीमा सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। लेकिन साल 2022 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई 'अग्निपथ योजना' (
Source: Ni News India



