Breaking
Delhi EV Policy: सब्सिडी चाहिए तो ईवी में जरूरी है रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, नई नीति में यह तकनीक अनिवार्यबच्चों की इलेक्ट्रिक कार में छिपा था रसेल वाइपर, उज्जैन में टला बड़ा हादसा, देखें VIDEOBALCO Cyber Fraud Alert: फर्जी वेबसाइट और ईमेल से सावधान रहने की अपील, कंपनी ने जारी की एडवाइजरीCG BREAKING: गुंडा बदमाश लेखराम कोठारी की पीट-पीटकर हत्या, फैली सनसनीटोविनो थॉमस ने केन्या में शेर को बचाने का ऑपरेशन देखा लाइव, हाथी और शेर के साथ शेयर किया वीडियोबिजली अलर्ट: रांची के इन इलाकों में 5 घंटे का रहेगा पावरकट, जानें वजहDelhi EV Policy: सब्सिडी चाहिए तो ईवी में जरूरी है रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, नई नीति में यह तकनीक अनिवार्यबच्चों की इलेक्ट्रिक कार में छिपा था रसेल वाइपर, उज्जैन में टला बड़ा हादसा, देखें VIDEOBALCO Cyber Fraud Alert: फर्जी वेबसाइट और ईमेल से सावधान रहने की अपील, कंपनी ने जारी की एडवाइजरीCG BREAKING: गुंडा बदमाश लेखराम कोठारी की पीट-पीटकर हत्या, फैली सनसनीटोविनो थॉमस ने केन्या में शेर को बचाने का ऑपरेशन देखा लाइव, हाथी और शेर के साथ शेयर किया वीडियोबिजली अलर्ट: रांची के इन इलाकों में 5 घंटे का रहेगा पावरकट, जानें वजह
Entertainment

आबृत्ति साहित्य को मिला नया आयाम, स्वागता पाण्डेय की 'बाचिक' का दूसरा खंड प्रकाशित

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। प्रख्यात आबृत्ति शिल्पी और लेखिका स्वागता पाण्डेय की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘बाचिक’ का दूसरा खंड प्रकाशित हो गया है। बंगीय संगीत परिषद के आबृत्ति पाठ्यक्रम पर आधारित यह कृति वाचिक कला के विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों और शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ मानी जा रही है। इससे पहले ‘बाचिक’ का पहला खंड वर्ष 2026 में कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में प्रकाशित हुआ था। दोनों खंडों का प्रकाशन कॉलेज स्ट्रीट स्थित लालमाटी पब्लिकेशन ने किया है। पहले खंड में बंगीय संगी

kolkatahindinews.com12 Jul 2026, 18:41👁 0 views
आबृत्ति साहित्य को मिला नया आयाम, स्वागता पाण्डेय की 'बाचिक' का दूसरा खंड प्रकाशित
Advertisement

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। प्रख्यात आबृत्ति शिल्पी और लेखिका स्वागता पाण्डेय की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘बाचिक’ का दूसरा खंड प्रकाशित हो गया है। बंगीय संगीत परिषद के आबृत्ति पाठ्यक्रम पर आधारित यह कृति वाचिक कला के विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों और शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ मानी जा रही है। इससे पहले ‘बाचिक’ का पहला खंड वर्ष 2026 में कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में प्रकाशित हुआ था। दोनों खंडों का प्रकाशन कॉलेज स्ट्रीट स्थित लालमाटी पब्लिकेशन ने किया है। पहले खंड में बंगीय संगी

Source: Kolkata Hindi News

Advertisement

Related News