Breaking
EPFO अलर्ट: 26 से 28 जून तक पोर्टल की सेवाएं रहेंगी ठप, जरूरी काम आज ही निपटा लेंLive Train Platform Tracking : ट्रेन पकड़ने के लिए मोबाइल पर मिलेगा प्लेटफॉर्म चेन्ज का लाइव अपडेट, ऐसे On करें फीचरभीषण गर्मी से बेहाल पंजाब, दो दिन बारिश का यलो अलर्टफर्जी कॉल और मैसेज पर लगेगी लगाम! WhatsApp ला रहा है ऐसा फीचर जो अनजान नंबरों को लेकर पहले ही कर देगा अलर्टइबोला अलर्ट के बीच भारत ने लॉन्च किया ‘एयर सुविधा 2.0’, ऑनलाइन जमा होगी यात्रा डिटेलNihang Sikh Clash LIVE: तूफान की तरह पंजाब से उत्तराखंड की ओर बढ़ रहे निहंग सिख, 3 बजे तक पहुंचने का ऐलान, सीमा पर पुलिस अलर्टEPFO अलर्ट: 26 से 28 जून तक पोर्टल की सेवाएं रहेंगी ठप, जरूरी काम आज ही निपटा लेंLive Train Platform Tracking : ट्रेन पकड़ने के लिए मोबाइल पर मिलेगा प्लेटफॉर्म चेन्ज का लाइव अपडेट, ऐसे On करें फीचरभीषण गर्मी से बेहाल पंजाब, दो दिन बारिश का यलो अलर्टफर्जी कॉल और मैसेज पर लगेगी लगाम! WhatsApp ला रहा है ऐसा फीचर जो अनजान नंबरों को लेकर पहले ही कर देगा अलर्टइबोला अलर्ट के बीच भारत ने लॉन्च किया ‘एयर सुविधा 2.0’, ऑनलाइन जमा होगी यात्रा डिटेलNihang Sikh Clash LIVE: तूफान की तरह पंजाब से उत्तराखंड की ओर बढ़ रहे निहंग सिख, 3 बजे तक पहुंचने का ऐलान, सीमा पर पुलिस अलर्ट
Politics

आपातकाल लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला था: जेपी नड्डा

पटना, 25 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई का बीज बिहार और पटना की धरती पर बोया गया था, इसलिए ‘संविधान हत्या दिवस’ के मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम का विशेष महत्व है।

aapkarajasthan desk25 Jun 2026, 09:50👁 0 views
आपातकाल लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला था: जेपी नड्डा
Advertisement

पटना, 25 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई का बीज बिहार और पटना की धरती पर बोया गया था, इसलिए ‘संविधान हत्या दिवस’ के मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम का विशेष महत्व है।

Source: Aapkarajasthan

Advertisement

Related News