आज बेटियां बेटों से आगे बढ़कर अपने बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बन रही हैं
अशोक भाटिया विवाह के समय मंडप में होने वाली ‘कन्यादान’ की रस्म अक्सर विदाई के आंसुओं के साथ एक गहरी उदासी छोड़ जाती है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के शाब्दिक अर्थ ‘दान’ को लेकर आज के आधुनिक समाज में कई सवाल उठ रहे हैं। लेकिन क्या सचमुच कन्यादान का मतलब बेटी से ... The post आज बेटियां बेटों से आगे बढ़कर अपने बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बन रही हैं appeared first on Ravivar Delhi .

अशोक भाटिया विवाह के समय मंडप में होने वाली ‘कन्यादान’ की रस्म अक्सर विदाई के आंसुओं के साथ एक गहरी उदासी छोड़ जाती है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के शाब्दिक अर्थ ‘दान’ को लेकर आज के आधुनिक समाज में कई सवाल उठ रहे हैं। लेकिन क्या सचमुच कन्यादान का मतलब बेटी से ... The post आज बेटियां बेटों से आगे बढ़कर अपने बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बन रही हैं appeared first on Ravivar Delhi .
Source: Ravivar Delhi
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