आंदोलनों की शक्ति : स्वतंत्रता संग्राम से जेन जी तक
अरुण कुमार डनायक पूर्ववर्ती आंदोलनों की तरह यह छात्र आंदोलन भी कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण और गांधीवादी सत्याग्रह की तरह अहिंसक रहा तथा व्यवस्था की कमियों को सुधारने के लिए आगे आया। वर्तमान निराशाजनक राजनीतिक माहौल में जेन जी के इन निडर युवाओं ने बदलाव की उम्मीद जगाई है। भारत का स्वतंत्रता दिवस अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक और अहिंसक संघर्ष की निरंतर जिम्मेदारी का प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता में अनेक धाराओं का योगदान रहा, पर गांधी के अहिंसक आंदोलनों ने जनसामान्य की ललक को व्यापक जनआ

अरुण कुमार डनायक पूर्ववर्ती आंदोलनों की तरह यह छात्र आंदोलन भी कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण और गांधीवादी सत्याग्रह की तरह अहिंसक रहा तथा व्यवस्था की कमियों को सुधारने के लिए आगे आया। वर्तमान निराशाजनक राजनीतिक माहौल में जेन जी के इन निडर युवाओं ने बदलाव की उम्मीद जगाई है। भारत का स्वतंत्रता दिवस अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक और अहिंसक संघर्ष की निरंतर जिम्मेदारी का प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता में अनेक धाराओं का योगदान रहा, पर गांधी के अहिंसक आंदोलनों ने जनसामान्य की ललक को व्यापक जनआ
Source: Deshbandhu-hindi
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