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आंखों से अंधे लेकिन इनके ढोलक की थाप छतरपुर से लेकर नेपाल तक गूंजी, धुन सुनकर मन मुग्ध हो जाते हैं लोग

मप्र के छतरपुर के सुरेश खरे जो 8 साल की उम्र से ढोलक बजा रहे हैं. हालांकि, इन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता है लेकिन इनकी ढोलक की थाप छतरपुर से नेपाल तक गूंज चुकी है. छतरपुर जिले के बाहर भी बड़े-बड़े कार्यक्रमों में कीर्तन-भजन में वह ढोल बजाने जाते हैं और लोगों को ढोलक इतनी पसंद आती कि सुनने वाले भी मन मुग्ध हो जाते हैं. तो आइए जानते हैं इन्हीं की जुबानी.

pintu awasthi8 Jun 2026, 13:18👁 0 views
आंखों से अंधे लेकिन इनके ढोलक की थाप छतरपुर से लेकर नेपाल तक गूंजी, धुन सुनकर मन मुग्ध हो जाते हैं लोग
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मप्र के छतरपुर के सुरेश खरे जो 8 साल की उम्र से ढोलक बजा रहे हैं. हालांकि, इन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता है लेकिन इनकी ढोलक की थाप छतरपुर से नेपाल तक गूंज चुकी है. छतरपुर जिले के बाहर भी बड़े-बड़े कार्यक्रमों में कीर्तन-भजन में वह ढोल बजाने जाते हैं और लोगों को ढोलक इतनी पसंद आती कि सुनने वाले भी मन मुग्ध हो जाते हैं. तो आइए जानते हैं इन्हीं की जुबानी.

Source: News 18 Hindi

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