अर्पित ने 33वीं पुस्तक ‘अर्नू’ प्रकाशित कर रचा नया इतिहास
जिस उम्र में अधिकांश युवा अपने भविष्य की दिशा तलाशने में लगे रहते हैं, उस उम्र में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के युवा साहित्यकार अर्पित सर्वेश ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। मात्र 23 वर्ष की आयु में अपनी 33वीं पुस्तक ‘अर्नू’ प्रकाशित कर उन्होंने साहित्य जगत को एक बार फिर आश्चर्यचकित कर दिया। पहले ही 32 पुस्तकों और 500 से अधिक कविताओं के सृजन के लिए चर्चित रहे अर्पित सर्वेश की नई कृति ‘अर्नू’ के प्रकाशित होते ही साहित्यिक जगत और पाठकों के बीच इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। पुस्तक को
जिस उम्र में अधिकांश युवा अपने भविष्य की दिशा तलाशने में लगे रहते हैं, उस उम्र में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के युवा साहित्यकार अर्पित सर्वेश ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। मात्र 23 वर्ष की आयु में अपनी 33वीं पुस्तक ‘अर्नू’ प्रकाशित कर उन्होंने साहित्य जगत को एक बार फिर आश्चर्यचकित कर दिया। पहले ही 32 पुस्तकों और 500 से अधिक कविताओं के सृजन के लिए चर्चित रहे अर्पित सर्वेश की नई कृति ‘अर्नू’ के प्रकाशित होते ही साहित्यिक जगत और पाठकों के बीच इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। पुस्तक को
Source: Ks Fast News
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