अब अंग्रेजी नहीं जानने वालों काे चुकाना पड़ रहा ‘लैंग्वेज टैक्स’
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का उपयोग करते हैं और अंग्रेजी नहीं जानते तो आप ‘लैंग्वेज टैक्स’ दे रहे हैं। एक रिसर्च में पता चला है कि एआई टूल्स को अंग्रेजी से ज्यादा अन्य भाषाओं को समझने में मेहनत लगती है। तकनीकी रूप से इसे टोकन्स (Tokens) का खर्च होना कहते हैं। टोकन्स वो छोटी इकाइयां होती हैं जिनका उपयोग कोई भी एआई टूल किसी टेक्स्ट को पढ़ने और समझने में करता है। अंग्रेजी के मुकाबले अन्य भाषा को समझने में एआई टूल्स को ज्यादा टोकन्स खर्च करने पड़ते हैं। फिर चाहे वह हिंदी हो, चीनी या अरब
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का उपयोग करते हैं और अंग्रेजी नहीं जानते तो आप ‘लैंग्वेज टैक्स’ दे रहे हैं। एक रिसर्च में पता चला है कि एआई टूल्स को अंग्रेजी से ज्यादा अन्य भाषाओं को समझने में मेहनत लगती है। तकनीकी रूप से इसे टोकन्स (Tokens) का खर्च होना कहते हैं। टोकन्स वो छोटी इकाइयां होती हैं जिनका उपयोग कोई भी एआई टूल किसी टेक्स्ट को पढ़ने और समझने में करता है। अंग्रेजी के मुकाबले अन्य भाषा को समझने में एआई टूल्स को ज्यादा टोकन्स खर्च करने पड़ते हैं। फिर चाहे वह हिंदी हो, चीनी या अरब
Source: Tarun Mitra
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