Yogini Ekadashi Vrat Katha : योगिनी एकादशी व्रत कथा, इसके पाठ से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान मिलता है फल
Yogini Ekadashi Ki Vrat Katha : योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन विधिपूर्वक व्रत और विष्णुजी की पूजा करने से अत्यंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पद्मपुराण में योगिनी एकादशी का महत्व और व्रत कथा का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि इसका पाठ करने और सुनने से पापों का नाश होता है व सुखों में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जानें योगिनी एकादशी व्रत कथा विस्तार से।
Yogini Ekadashi Ki Vrat Katha : योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन विधिपूर्वक व्रत और विष्णुजी की पूजा करने से अत्यंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पद्मपुराण में योगिनी एकादशी का महत्व और व्रत कथा का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि इसका पाठ करने और सुनने से पापों का नाश होता है व सुखों में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जानें योगिनी एकादशी व्रत कथा विस्तार से।
Source: Nbt Navbharattimes
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