Yogini Dasha Effects: योगिनी दशा क्या है? जानें कौन-सी योगिनी दिलाती है सफलता और कौन देती है बाधाएं
विंशोत्तरी दशा के समान ही योगिनी दशा अत्यन्त महत्वपूर्ण दशा पद्धति है, जिसके द्वारा शुभाशुभ घटनाओं का समय एवं भाग्य का आकलन किया जाता है। जहां विंशोत्तरी दशा की कुल अवधि 120 वर्ष निर्धारित की गई है, वहीं योगिनी दशा की अवधि 36 वर्ष निर्धारित है। योगिनी दशा में पहली, तीसरी, पांचवी और सातवी यानि मंगला, धान्या, भद्रिका और सिद्धा को शुभ सुखदायक माना गया है तथा अन्य चार पिंगला, भ्रामरी, उल्का, संकटा को संघर्ष एवं अशुभ फलदायनी माना है।
विंशोत्तरी दशा के समान ही योगिनी दशा अत्यन्त महत्वपूर्ण दशा पद्धति है, जिसके द्वारा शुभाशुभ घटनाओं का समय एवं भाग्य का आकलन किया जाता है। जहां विंशोत्तरी दशा की कुल अवधि 120 वर्ष निर्धारित की गई है, वहीं योगिनी दशा की अवधि 36 वर्ष निर्धारित है। योगिनी दशा में पहली, तीसरी, पांचवी और सातवी यानि मंगला, धान्या, भद्रिका और सिद्धा को शुभ सुखदायक माना गया है तथा अन्य चार पिंगला, भ्रामरी, उल्का, संकटा को संघर्ष एवं अशुभ फलदायनी माना है।
Source: Nbt Navbharattimes
Related News

बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दौरे के लिए पाकिस्तान टीम का ऐलान

Pakistan Cricket team: बाबर बने कप्तान पर शाहीन अफरीदी की हुई छुट्टी, 2 और खिलाड़ी वेस्टइंडीज-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से बाहर

Pakistan Test Squad: बाबर आजम फिर बने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान, बांग्लादेश से हार के बाद शान मसूद पर गिरी गाज
