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Vanakkam Poorvottar: Cauvery Water Dispute फिर क्यों गहरा गया है? Karnataka और Tamil Nadu के सख्त तेवर क्या संदेश दे रहे हैं?

कावेरी जल विवाद एक बार फिर देश की राजनीति और संघीय ढांचे की सबसे बड़ी परीक्षा बनकर सामने खड़ा है। एक ओर कर्नाटक पानी की कमी और कमजोर मानसून का हवाला देकर तमिलनाडु को पानी छोड़ने से इंकार कर रहा है, तो दूसरी ओर तमिलनाडु अपने वैधानिक हिस्से की मांग को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय हो गया है। इसी बीच कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने दोनों राज्यों से अपील की है कि वे आपसी सहमति से एक स्थायी और वैज्ञानिक "डिस्ट्रेस-शेयरिंग फॉर्मूला" तैयार कर उसके सामने रखें, ताकि हर बार संकट के समय

नीरज कुमार दुबे30 Jul 2026, 13:15👁 0 views
Vanakkam Poorvottar: Cauvery Water Dispute फिर क्यों गहरा गया है? Karnataka और Tamil Nadu के सख्त तेवर क्या संदेश दे रहे हैं?
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कावेरी जल विवाद एक बार फिर देश की राजनीति और संघीय ढांचे की सबसे बड़ी परीक्षा बनकर सामने खड़ा है। एक ओर कर्नाटक पानी की कमी और कमजोर मानसून का हवाला देकर तमिलनाडु को पानी छोड़ने से इंकार कर रहा है, तो दूसरी ओर तमिलनाडु अपने वैधानिक हिस्से की मांग को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय हो गया है। इसी बीच कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने दोनों राज्यों से अपील की है कि वे आपसी सहमति से एक स्थायी और वैज्ञानिक "डिस्ट्रेस-शेयरिंग फॉर्मूला" तैयार कर उसके सामने रखें, ताकि हर बार संकट के समय

Source: Prabhasakshi

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