Raksha Bandhan 2026 Lunar Eclipse: सावन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया; जानें 28 अगस्त को राखी बांधने का सही मुहूर्त, सूतक काल का समय और जरूरी नियम
हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में सावन मास की पूर्णिमा तिथि का एक अत्यंत विशेष और पवित्र महत्व माना गया है। यह पावन दिन भाई-बहन के असीम प्रेम, अटूट विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक 'रक्षाबंधन' (Raksha Bandhan) के महापर्व के रूप में पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं; वहीं भाई अपनी बहनों को जीवन भर रक्षा करने का वचन देते हैं और उपहार भेंट करते हैं। हालांकि,

हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में सावन मास की पूर्णिमा तिथि का एक अत्यंत विशेष और पवित्र महत्व माना गया है। यह पावन दिन भाई-बहन के असीम प्रेम, अटूट विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक 'रक्षाबंधन' (Raksha Bandhan) के महापर्व के रूप में पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं; वहीं भाई अपनी बहनों को जीवन भर रक्षा करने का वचन देते हैं और उपहार भेंट करते हैं। हालांकि,
Source: Ni News India
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