Breaking
लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मचा बवाल, दिलजीत दोसांझ के शो में सुरक्षा पर सवालVaibhav Suryavanshi Next Match: अब कब और कहां खेलेंगे वैभव सूर्यवंशी, नोट कर लें मैचों की तारीख और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्ससोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! दिल्ली में गोल्ड ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम, यहां चेक करें आज के लेटेस्ट रेटSpoiler Alert: अनुपमा और प्रेम की पहली चुनौती, कॉम्पटिशन के पहले ही टास्क में उड़ेंगे दोनों के तोते251KM की रफ्तार, इंस्टाग्राम LIVE और... बदलापुर में BMW बनी मौत का गोला, 2 दोस्तों की गई जानAaj Ka Mausam 22 June: 70 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 17 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट; जानिए आपके यहां का हाललाइव कॉन्सर्ट के दौरान मचा बवाल, दिलजीत दोसांझ के शो में सुरक्षा पर सवालVaibhav Suryavanshi Next Match: अब कब और कहां खेलेंगे वैभव सूर्यवंशी, नोट कर लें मैचों की तारीख और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्ससोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! दिल्ली में गोल्ड ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम, यहां चेक करें आज के लेटेस्ट रेटSpoiler Alert: अनुपमा और प्रेम की पहली चुनौती, कॉम्पटिशन के पहले ही टास्क में उड़ेंगे दोनों के तोते251KM की रफ्तार, इंस्टाग्राम LIVE और... बदलापुर में BMW बनी मौत का गोला, 2 दोस्तों की गई जानAaj Ka Mausam 22 June: 70 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 17 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट; जानिए आपके यहां का हाल
Entertainment

Planet Position का बड़ा खेल: कब ग्रह बनाते हैं भाग्यशाली और कब छीन लेते हैं सारा Good Luck

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ग्रह उच्च राशि, मूल त्रिकोण राशि, स्वराशि आदि राशियों को प्राप्त होता है, तो वह उन्हीं की प्रवृत्ति के अनुसार ही रिजल्ट देता है। हर एक ग्रह किसी विशेष राशि में एक विशिष्ट अवस्था को प्राप्त करता है। जैसे कि- जब ग्रह अपनी उच्च की राशि में होता है, तो सर्वाधिक अनुकूल यानी के बलवान स्थिति को प्राप्त करता है और जब ग्रह अपनी नीच की राशि में होता है, तो सबसे ज्यादा प्रतिकूल मतलब कमजोर स्थिति को प्राप्त करता है। ग्रहों का उच्च राशि में फल ज्योतिष के मुताबिक, ग्रह अपनी उच्च

दिव्यांशी भदौरिया22 Jun 2026, 05:49👁 0 views
Planet Position का बड़ा खेल: कब ग्रह बनाते हैं भाग्यशाली और कब छीन लेते हैं सारा Good Luck
Advertisement

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ग्रह उच्च राशि, मूल त्रिकोण राशि, स्वराशि आदि राशियों को प्राप्त होता है, तो वह उन्हीं की प्रवृत्ति के अनुसार ही रिजल्ट देता है। हर एक ग्रह किसी विशेष राशि में एक विशिष्ट अवस्था को प्राप्त करता है। जैसे कि- जब ग्रह अपनी उच्च की राशि में होता है, तो सर्वाधिक अनुकूल यानी के बलवान स्थिति को प्राप्त करता है और जब ग्रह अपनी नीच की राशि में होता है, तो सबसे ज्यादा प्रतिकूल मतलब कमजोर स्थिति को प्राप्त करता है। ग्रहों का उच्च राशि में फल ज्योतिष के मुताबिक, ग्रह अपनी उच्च

Source: Prabhasakshi

Advertisement

Related News