OTP और बायोमेट्रिक शेयर करना पड़ सकता है महंगा, खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, नई SIM लेते समय बरतें ये सावधानियां
SIM activation fraud: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल नंबर केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया समेत कई ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ा हुआ है, जहां यह प्राइवेट नहीं है. सार्वजनिक तौर पर कोई भी आपका नंबर निकाल सकता है. ऐसे में जब भी कोई नई SIM खरीदता है, उसे Identity Verification की प्रक्रिया करनी होती है, जिसके बाद सिम मिलता है. इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, फोटो, OTP और कई बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने की भी जरूरत पड़ती है. अगर आप भी अपना OTP देने के साथ ही बायोम

SIM activation fraud: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल नंबर केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया समेत कई ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ा हुआ है, जहां यह प्राइवेट नहीं है. सार्वजनिक तौर पर कोई भी आपका नंबर निकाल सकता है. ऐसे में जब भी कोई नई SIM खरीदता है, उसे Identity Verification की प्रक्रिया करनी होती है, जिसके बाद सिम मिलता है. इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, फोटो, OTP और कई बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने की भी जरूरत पड़ती है. अगर आप भी अपना OTP देने के साथ ही बायोम
Source: Inkhabar
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