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Opinion: अतीक के दो पिलर उमर और अली, कई को दिए जख्म, आज अपने भाई का शव देख बिखर गए

Atiq Ahmed Sons: कभी आतंक का दूसरा नाम हुआ करता था अतीक अहमद. आज उसके कुनबे का जो हश्र हुआ है, उसे शायद ही कोई भूल पाए. कभी प्रयागराज में उमर और अली की तूती बोलती थी, जिनके नाम से व्यापारी कांपते थे और जिन्होंने न जाने कितने परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दिए, आज वही दोनों अपने छोटे भाई आबान के जनाजे पर फूट-फूट कर रोते नजर आए. कसारी-मसारी कब्रिस्तान की मिट्टी आज उसकी गवाह बनी. दूसरों को रुलाने वाले आज अपनों के लिए बिलख रहे थे.

deep raj deepak8 Aug 2026, 17:38👁 0 views
Opinion: अतीक के दो पिलर उमर और अली, कई को दिए जख्म, आज अपने भाई का शव देख बिखर गए
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Atiq Ahmed Sons: कभी आतंक का दूसरा नाम हुआ करता था अतीक अहमद. आज उसके कुनबे का जो हश्र हुआ है, उसे शायद ही कोई भूल पाए. कभी प्रयागराज में उमर और अली की तूती बोलती थी, जिनके नाम से व्यापारी कांपते थे और जिन्होंने न जाने कितने परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दिए, आज वही दोनों अपने छोटे भाई आबान के जनाजे पर फूट-फूट कर रोते नजर आए. कसारी-मसारी कब्रिस्तान की मिट्टी आज उसकी गवाह बनी. दूसरों को रुलाने वाले आज अपनों के लिए बिलख रहे थे.

Source: News 18 Hindi

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