Nirjala Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह में इस दिन रखा जाएगा साल का सबसे कठिन 'निर्जला एकादशी' व्रत; जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और भद्रा का समय
हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में एकादशी व्रत का स्थान बेहद पवित्र और सर्वोच्च माना गया है। प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी तिथि पूरी तरह से जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना को समर्पित होती है। वैसे तो सामान्य वर्ष में कुल 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन साल 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास (लौंद का महीना) लगने के कारण इस वर्ष पद्मिनी और परमा एकादशी के दो अतिरिक्त व्रतों का अनूठा संयोग बना है। इसी वजह से इस साल भक्तों को कुल 26 एकादशी व्रतों का महापुण्य प्राप्त

हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में एकादशी व्रत का स्थान बेहद पवित्र और सर्वोच्च माना गया है। प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी तिथि पूरी तरह से जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना को समर्पित होती है। वैसे तो सामान्य वर्ष में कुल 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन साल 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास (लौंद का महीना) लगने के कारण इस वर्ष पद्मिनी और परमा एकादशी के दो अतिरिक्त व्रतों का अनूठा संयोग बना है। इसी वजह से इस साल भक्तों को कुल 26 एकादशी व्रतों का महापुण्य प्राप्त
Source: Ni News India
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