Breaking
IMD Weather Updates: दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज, उत्तर-पश्चिम भारत समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट; जानिए 4 राज्यों में क्यों मंडराया बाढ़ का खतराAaj ka Mausam: द‍िल्‍ली-यूपी से ह‍िमाचल तक झूम उठा मौसम, पूरे हफ्ते झमाझम बारिश का अलर्ट, IMD ने राहत के साथ दी चेतावनीउत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट: IMD की ताजा जानकारीBihar Weather Update: बिहार के 22 जिलों में 40 KM/h की रफ्तार से चलेगी हवा, 29 जुलाई को भारी बारिश का अलर्टसीएम भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम में उड़ा ड्रोन, तुरंत अलर्ट हुई सिक्योरिटी, पंडाल में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का होना था संबोधनबारिश का अलर्ट! उत्तराखंड के इस जिले में आज 1 से 12वीं तक स्कूलों में छुट्टीIMD Weather Updates: दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज, उत्तर-पश्चिम भारत समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट; जानिए 4 राज्यों में क्यों मंडराया बाढ़ का खतराAaj ka Mausam: द‍िल्‍ली-यूपी से ह‍िमाचल तक झूम उठा मौसम, पूरे हफ्ते झमाझम बारिश का अलर्ट, IMD ने राहत के साथ दी चेतावनीउत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट: IMD की ताजा जानकारीBihar Weather Update: बिहार के 22 जिलों में 40 KM/h की रफ्तार से चलेगी हवा, 29 जुलाई को भारी बारिश का अलर्टसीएम भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम में उड़ा ड्रोन, तुरंत अलर्ट हुई सिक्योरिटी, पंडाल में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का होना था संबोधनबारिश का अलर्ट! उत्तराखंड के इस जिले में आज 1 से 12वीं तक स्कूलों में छुट्टी
Politics

'NEET आंदोलन' कितना बड़ा गेमचेंजर:जंतर-मंतर पर राहुल-अखिलेश साथ; क्या यूपी में मिलेगा सियासी फायदा

यूपी विधानसभा 2017 के चुनाव में 'दो लड़कों' की जोड़ी विफल रही थी, लेकिन 2024 में लोकसभा चुनाव के नतीजों ने इस केमिस्ट्री को नई ताकत दी। अब NEET मुद्दे पर जंतर-मंतर से संसद तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव की साझा आक्रामकता की चर्चा है। दोनों नेताओं की इस जुगलबंदी का असर यूपी में भी दिखने लगा है। दोनों दल मुखर होकर छात्रों के मुद्दे पर सड़क पर उतर चुके हैं। सवाल यह है कि क्या युवाओं के गुस्से पर बनी राहुल-अखिलेश की यह जुगलबंदी यूपी में विपक्ष के लिए गेमचेंजर साबित होगी? या भाजपा अपने संगठन और सत्ता

संतोष सिंह27 Jul 2026, 00:01👁 0 views
'NEET आंदोलन' कितना बड़ा गेमचेंजर:जंतर-मंतर पर राहुल-अखिलेश साथ; क्या यूपी में मिलेगा सियासी फायदा
Advertisement

यूपी विधानसभा 2017 के चुनाव में 'दो लड़कों' की जोड़ी विफल रही थी, लेकिन 2024 में लोकसभा चुनाव के नतीजों ने इस केमिस्ट्री को नई ताकत दी। अब NEET मुद्दे पर जंतर-मंतर से संसद तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव की साझा आक्रामकता की चर्चा है। दोनों नेताओं की इस जुगलबंदी का असर यूपी में भी दिखने लगा है। दोनों दल मुखर होकर छात्रों के मुद्दे पर सड़क पर उतर चुके हैं। सवाल यह है कि क्या युवाओं के गुस्से पर बनी राहुल-अखिलेश की यह जुगलबंदी यूपी में विपक्ष के लिए गेमचेंजर साबित होगी? या भाजपा अपने संगठन और सत्ता

Source: Bhaskar

Advertisement

Related News