Jyeshtha Purnima 2026: इस बार अधिक मास के कारण ज्येष्ठ माह में दूसरी पूर्णिमा का महासंयोग; जानें वट सावित्री पूर्णिमा व्रत की सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि
हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में पूर्णिमा तिथि का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होते हैं और सभी 16 कलाओं से युक्त होकर पृथ्वी पर अपनी अमृतमयी किरणों की वर्षा करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा तिथि पर धन की देवी माता लक्ष्मी स्वयं भूलोक (धरती) पर अपने भक्तों के कष्टों को दूर करने और उनका हाल जानने के लिए आती हैं। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के 'सत्यनारायण' रूप की कथा सुनने का भी विशेष विधान है। आमतौर पर एक साल में 12 पूर्णिमा तिथि

हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में पूर्णिमा तिथि का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होते हैं और सभी 16 कलाओं से युक्त होकर पृथ्वी पर अपनी अमृतमयी किरणों की वर्षा करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा तिथि पर धन की देवी माता लक्ष्मी स्वयं भूलोक (धरती) पर अपने भक्तों के कष्टों को दूर करने और उनका हाल जानने के लिए आती हैं। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के 'सत्यनारायण' रूप की कथा सुनने का भी विशेष विधान है। आमतौर पर एक साल में 12 पूर्णिमा तिथि
Source: Ni News India
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