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Jagannath Rath Yatra: 14 दिन का एकांतवास, जड़ी-बूटियों से उपचार और पुरी मंदिर के अद्भुत चमत्कार

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का आयोजन होता है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाली इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। मान्यता है कि पूर्णिमा के स्नान के बाद भगवान बीमार पड़ जाते हैं, जिसके कारण वे 14 दिनों तक एकांतवास में रहते हैं। इस दौरान जड़ी-बूटियों और काढ़े से उनका उपचार किया जाता है। स्वस्थ होने के बाद रथयात्रा निकाली जाती है। तीनों देवों के रथ नीम की लकड़ी से बिना किसी कील के बनाए जाते हैं।

gnttv.com15 Jul 2026, 11:16👁 0 views
Jagannath Rath Yatra: 14 दिन का एकांतवास, जड़ी-बूटियों से उपचार और पुरी मंदिर के अद्भुत चमत्कार
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ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का आयोजन होता है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाली इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। मान्यता है कि पूर्णिमा के स्नान के बाद भगवान बीमार पड़ जाते हैं, जिसके कारण वे 14 दिनों तक एकांतवास में रहते हैं। इस दौरान जड़ी-बूटियों और काढ़े से उनका उपचार किया जाता है। स्वस्थ होने के बाद रथयात्रा निकाली जाती है। तीनों देवों के रथ नीम की लकड़ी से बिना किसी कील के बनाए जाते हैं।

Source: Good News Today

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