Guru Pushya Yoga 2026: नक्षत्रों के राजा पुष्य में देवगुरु बृहस्पति का महा-गोचर; 18 अगस्त तक इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें उपाय
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवताओं के गुरु, बृहस्पति (Jupiter) का स्थान बेहद अहम और सर्वोच्च माना गया है। नवग्रहों में गुरु को सुख, समृद्धि, वैवाहिक जीवन, संतान, संपन्नता और समाज में मिलने वाले मान-सम्मान का मुख्य कारक माना जाता है। किसी भी व्यक्ति की कुंडली या गोचर में गुरु की शुभ स्थिति का विचार सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों के संपादन के लिए अनिवार्य रूप से किया जाता है। वर्तमान ग्रह गोचर की बात करें तो देवगुरु बृहस्पति इस समय अपने मित्र ग्रह चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि (Cancer)

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवताओं के गुरु, बृहस्पति (Jupiter) का स्थान बेहद अहम और सर्वोच्च माना गया है। नवग्रहों में गुरु को सुख, समृद्धि, वैवाहिक जीवन, संतान, संपन्नता और समाज में मिलने वाले मान-सम्मान का मुख्य कारक माना जाता है। किसी भी व्यक्ति की कुंडली या गोचर में गुरु की शुभ स्थिति का विचार सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों के संपादन के लिए अनिवार्य रूप से किया जाता है। वर्तमान ग्रह गोचर की बात करें तो देवगुरु बृहस्पति इस समय अपने मित्र ग्रह चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि (Cancer)
Source: Ni News India
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