Explainer: दो महीने में 56 डॉलर तक टूटा कच्चा तेल, क्या अब भारत में भी सस्ता होगा पेट्रोल?
मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान शांति कायम करने के लिए एक टेबल पर हैं. होर्मुज को खोल दिया गया है. टेंशन की संभावना अभी भी बनी हुई हैं. उसके बाद भी बाजार में एक पॉजिटिव सेंटीमेंट चल रहा है. यही कारण है कि खाड़ी और अमेरिकी कच्चे तेल के दाम प्री वॉर लेवल पर आ गए हैं. खास बात तो ये है कि खाड़ी देशों का कच्चा तेल दो महीने के अपने पीक से 56 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा यानी करीब 45 फीसदी तक सस्ता हो चुका है.

मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान शांति कायम करने के लिए एक टेबल पर हैं. होर्मुज को खोल दिया गया है. टेंशन की संभावना अभी भी बनी हुई हैं. उसके बाद भी बाजार में एक पॉजिटिव सेंटीमेंट चल रहा है. यही कारण है कि खाड़ी और अमेरिकी कच्चे तेल के दाम प्री वॉर लेवल पर आ गए हैं. खास बात तो ये है कि खाड़ी देशों का कच्चा तेल दो महीने के अपने पीक से 56 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा यानी करीब 45 फीसदी तक सस्ता हो चुका है.
Source: Tv9 Bharatvarsh
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