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Uttar Pradesh

Cotton Area: कॉटन की खेती में भारी ग‍िरावट, मॉनसून की मार या नीतियां हैं जिम्मेदार?

पांच जुलाई तक का आंकड़ा बता रहा है क‍ि कपास की बुवाई प‍िछले साल के मुकाबले लगभग 19 लाख हेक्टेयर कम है. इसके पीछे मॉनसून की बेरुखी है या यह सिर्फ बहाना है. क्या इस कमी के पीछे क‍िसानों पर पड़ी दाम की मार है? क्योंक‍ि जीरो इंपोर्ट ड्यूटी होने के बाद कपास का र‍िकॉर्ड आयात हुआ है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है क‍ि क्या कपास भी दलहन और खाद्य तेलों के रास्ते पर है?

ओम प्रकाश13 Jul 2026, 08:44👁 1 views
Cotton Area: कॉटन की खेती में भारी ग‍िरावट, मॉनसून की मार या नीतियां हैं जिम्मेदार?
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पांच जुलाई तक का आंकड़ा बता रहा है क‍ि कपास की बुवाई प‍िछले साल के मुकाबले लगभग 19 लाख हेक्टेयर कम है. इसके पीछे मॉनसून की बेरुखी है या यह सिर्फ बहाना है. क्या इस कमी के पीछे क‍िसानों पर पड़ी दाम की मार है? क्योंक‍ि जीरो इंपोर्ट ड्यूटी होने के बाद कपास का र‍िकॉर्ड आयात हुआ है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है क‍ि क्या कपास भी दलहन और खाद्य तेलों के रास्ते पर है?

Source: Kisan Tak

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