Anand Bakshi: रावलपिंडी में हुआ जन्म, सेना की नौकरी छोड़ पहुंचे मुंबई, 150 रुपये में लिखे जिंदगी के पहले 4 गाने
Anand Bakshi Birth Anniversary: 'परदेसियों से ना अंखियां मिलाना', 'मेरे सपनों की रानी', 'चिंगारी कोई भड़के', 'आदमी मुसाफिर है' और 'तुझे देखा तो ये जाना सनम'... ये सिर्फ गाने नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की अमर धरोहर हैं. इन गीतों के पीछे जिस कलम का जादू था, उसका नाम था आनंद बक्शी. उनकी लिखी हर पंक्ति ने करोड़ों दिलों की भावनाओं को आवाज दी. लेकिन शोहरत की इस बुलंदी तक पहुंचने से पहले उन्होंने लंबा संघर्ष किया. बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस गीतकार ने हजारों सुपरहिट गाने लिखे, उसकी फिल्मी यात्रा की पहली

Anand Bakshi Birth Anniversary: 'परदेसियों से ना अंखियां मिलाना', 'मेरे सपनों की रानी', 'चिंगारी कोई भड़के', 'आदमी मुसाफिर है' और 'तुझे देखा तो ये जाना सनम'... ये सिर्फ गाने नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की अमर धरोहर हैं. इन गीतों के पीछे जिस कलम का जादू था, उसका नाम था आनंद बक्शी. उनकी लिखी हर पंक्ति ने करोड़ों दिलों की भावनाओं को आवाज दी. लेकिन शोहरत की इस बुलंदी तक पहुंचने से पहले उन्होंने लंबा संघर्ष किया. बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस गीतकार ने हजारों सुपरहिट गाने लिखे, उसकी फिल्मी यात्रा की पहली
Source: News 18 Hindi
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