Breaking
IND vs ENG LIVE Streaming: हॉटस्टार, सोनीलिव नहीं...यहां फ्री में देखें इंडिया वर्सेस इंग्लैंड लाइव मैच; जानें टाइमिंगभारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD की रिपोर्टHaryana CET Group D Exam 2026 Extended: बड़ी खबर! बढ़ गई हरियाणा सीईटी ग्रुप डी परीक्षा के लिए आवेदन की आखिरी तारीख, इस डेट तक करें अप्लाईअर्जेंटीना बनाम केप वर्डे लाइव अपडेट, फीफा विश्व कप 2026: एआरजी अंतिम 16 में प्रवेश करने के लिए केप वर्डे के खिलाफ जीवित रहेगा | फुटबॉल समाचारआज का मौसम 4 जुलाई: 8 घंटों के अंदर 18 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, 70 की स्पीड से हवा; IMD अपडेटMonsoon Update: मुंबई-गुजरात में बारिश का कहर, दिल्ली-यूपी में आज अलर्ट; जानें आपके शहर का हालIND vs ENG LIVE Streaming: हॉटस्टार, सोनीलिव नहीं...यहां फ्री में देखें इंडिया वर्सेस इंग्लैंड लाइव मैच; जानें टाइमिंगभारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD की रिपोर्टHaryana CET Group D Exam 2026 Extended: बड़ी खबर! बढ़ गई हरियाणा सीईटी ग्रुप डी परीक्षा के लिए आवेदन की आखिरी तारीख, इस डेट तक करें अप्लाईअर्जेंटीना बनाम केप वर्डे लाइव अपडेट, फीफा विश्व कप 2026: एआरजी अंतिम 16 में प्रवेश करने के लिए केप वर्डे के खिलाफ जीवित रहेगा | फुटबॉल समाचारआज का मौसम 4 जुलाई: 8 घंटों के अंदर 18 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, 70 की स्पीड से हवा; IMD अपडेटMonsoon Update: मुंबई-गुजरात में बारिश का कहर, दिल्ली-यूपी में आज अलर्ट; जानें आपके शहर का हाल
Technology

AI से बने फ़र्ज़ी फ़ैसलों पर विवाद; सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट ने वकीलों को चेतावनी दी।

सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में बिना जांचे-परखे एआई-जनरेटेड फर्जी फैसलों और कानूनी मिसालों (AI-Generated Fake Citations) के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाते हुए 'जीरो-टॉलरेंस' रुख अपनाया है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने NCLT के एक आदेश को सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि वह एआई द्वारा बनाए गए 6 गैर-मौजूद फर्जी फैसलों पर आधारित था। कोर्ट ने इसे वकीलों का 'पेशेवर कदाचार' और जजों की 'गंभीर चूक' बताया है। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को इस संबंध में सख्त नियम और गाइडलाइंस

rokthok lekhani4 Jul 2026, 01:05👁 1 views
Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में बिना जांचे-परखे एआई-जनरेटेड फर्जी फैसलों और कानूनी मिसालों (AI-Generated Fake Citations) के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाते हुए 'जीरो-टॉलरेंस' रुख अपनाया है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने NCLT के एक आदेश को सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि वह एआई द्वारा बनाए गए 6 गैर-मौजूद फर्जी फैसलों पर आधारित था। कोर्ट ने इसे वकीलों का 'पेशेवर कदाचार' और जजों की 'गंभीर चूक' बताया है। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को इस संबंध में सख्त नियम और गाइडलाइंस

Source: Rokthok Lekhani

Advertisement

Related News