90KM का वह खौफनाक सफर, रोशनी के नाम पर थी सिर्फ मोबाइल की टॉर्च, फुल स्पीड से दौड़ती रही बस, फिर..
90 किमी के सफर के दौरान हर किसी का दिल खौफ से भरा हुआ था. हर कोई भगवान से यही मना रहे थे कि बस सही सलामत किसी तरह घर पहुंच जाएं. जी हां, यह मामला कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (केकेआरटीसी) का है. बताया जा रहा है कि यह बस कलबुर्गी से करीब 90 किलोमीटर दूर चिंचोली जा रही थी. सड़क पूरी तरह अंधेरे में डूबी थी. बस की हेडलाइट काम नहीं कर रही थी. यह बस घुप अंधेरे वाली रात में बिना हेडलाइट के ही दौड़ रही थी. इस सफर के दौरान रोशनी के नाम पर सिर्फ मोबाइल का टॉर्च का ही सहारा था. बस का कंडक्टर अ

90 किमी के सफर के दौरान हर किसी का दिल खौफ से भरा हुआ था. हर कोई भगवान से यही मना रहे थे कि बस सही सलामत किसी तरह घर पहुंच जाएं. जी हां, यह मामला कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (केकेआरटीसी) का है. बताया जा रहा है कि यह बस कलबुर्गी से करीब 90 किलोमीटर दूर चिंचोली जा रही थी. सड़क पूरी तरह अंधेरे में डूबी थी. बस की हेडलाइट काम नहीं कर रही थी. यह बस घुप अंधेरे वाली रात में बिना हेडलाइट के ही दौड़ रही थी. इस सफर के दौरान रोशनी के नाम पर सिर्फ मोबाइल का टॉर्च का ही सहारा था. बस का कंडक्टर अ
Source: News 18 Hindi
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