80 कैमरे और तीन हाथियों की मदद से सफल रेस्क्यू:7 बाघों के बीच एक को पहचानना था मुश्किल, एआई कैमरों और डीएनए से पहचान
वन विभाग अब बाघों की निगरानी और रेस्क्यू में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसी तकनीक की मदद से गांवों के आसपास घूम रहे बूढ़े नर बाघ पीएन-103 की पहचान कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सिवनी के बरघाट-लामटा क्षेत्र में घूम रहे करीब नौ वर्ष के इस बाघ पर दो महीने तक नजर रखी गई। 2 अगस्त को उसे सुरक्षित पकड़कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल भेज दिया गया। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाघ की पहचान थी, क्योंकि उसी इलाके में सात अन्य बाघ
वन विभाग अब बाघों की निगरानी और रेस्क्यू में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसी तकनीक की मदद से गांवों के आसपास घूम रहे बूढ़े नर बाघ पीएन-103 की पहचान कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सिवनी के बरघाट-लामटा क्षेत्र में घूम रहे करीब नौ वर्ष के इस बाघ पर दो महीने तक नजर रखी गई। 2 अगस्त को उसे सुरक्षित पकड़कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल भेज दिया गया। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाघ की पहचान थी, क्योंकि उसी इलाके में सात अन्य बाघ
Source: Bhaskar
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