8 साल तक आसमान में उड़ाया विमान, अब मां कामाख्या की साधना में हैं लीन, तुर्की एयरलाइन की चीफ केबिन क्रू कैसे बनीं साध्वी भागीरथी?
तुर्की की एक बड़ी एयरलाइन में 8 साल तक चीफ केबिन क्रू के पद पर काम कर चुकीं साध्वी भागीरथी अब आध्यात्मिक जीवन में सक्रिय हैं. उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के दौरान दीक्षा लेकर सनातन धर्म अपनाया और साधना का मार्ग चुना. वर्तमान में साध्वी भागीरथी असम के नीलाचल पर्वत स्थित मां कामाख्या मंदिर क्षेत्र में साधना कर रही हैं. उन्होंने अंबुबाची महायोग को मां कामाख्या की शक्ति, आस्था और दिव्यता का प्रतीक बताया, साध्वी भागीरथी का कहना है कि सनातन संस्कृति का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने बताया
तुर्की की एक बड़ी एयरलाइन में 8 साल तक चीफ केबिन क्रू के पद पर काम कर चुकीं साध्वी भागीरथी अब आध्यात्मिक जीवन में सक्रिय हैं. उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के दौरान दीक्षा लेकर सनातन धर्म अपनाया और साधना का मार्ग चुना. वर्तमान में साध्वी भागीरथी असम के नीलाचल पर्वत स्थित मां कामाख्या मंदिर क्षेत्र में साधना कर रही हैं. उन्होंने अंबुबाची महायोग को मां कामाख्या की शक्ति, आस्था और दिव्यता का प्रतीक बताया, साध्वी भागीरथी का कहना है कि सनातन संस्कृति का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने बताया
Source: State Mirror Hindi
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