5 साल में 25 गुना वर्कलोड बढ़ा:साइबर सेल में 1 इंस्पेक्टर के जिम्मे 104 केस, FIR में लग रहे दो साल
राजधानी में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी जांच की व्यवस्था चरमराई हुई है। हालात ये हैं कि सैकड़ों शिकायतों और दर्ज मामलों की जांच महज एक इंस्पेक्टर के भरोसे चल रही है। नतीजा, एफआईआर दर्ज होने में दो-दो साल लग रहे हैं और पीड़ितों का फ्रीज किया गया पैसा भी समय पर वापस नहीं मिल पा रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2021 में साइबर क्राइम यूनिट भोपाल में 10 निरीक्षक/कार्यवाहक निरीक्षक पदस्थ थे। तब कुल 48 प्रकरण विवेचना में थे। यानी एक निरीक्षक(इंस्पेक्टर) के पास 4-5 केस ही होते थे। इसके
राजधानी में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी जांच की व्यवस्था चरमराई हुई है। हालात ये हैं कि सैकड़ों शिकायतों और दर्ज मामलों की जांच महज एक इंस्पेक्टर के भरोसे चल रही है। नतीजा, एफआईआर दर्ज होने में दो-दो साल लग रहे हैं और पीड़ितों का फ्रीज किया गया पैसा भी समय पर वापस नहीं मिल पा रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2021 में साइबर क्राइम यूनिट भोपाल में 10 निरीक्षक/कार्यवाहक निरीक्षक पदस्थ थे। तब कुल 48 प्रकरण विवेचना में थे। यानी एक निरीक्षक(इंस्पेक्टर) के पास 4-5 केस ही होते थे। इसके
Source: Bhaskar
Related News

जैमर से कैसे बंद हो जाता है इंटरनेट? जानिए कैसे करता है काम और क्या है उपाय

आसमान में टैक्सी का सपना होगा साकार! भारत की पहली eVTOL फ्लाइंग टैक्सी तैयार

Redmi Note 17 India Launch Date: 6 अगस्त को भारत में होगी धांसू एंट्री, इस दिन से शुरू होगी पहली सेल
