Breaking
ISRO Bomb Threat: बेंगलुरु मुख्यालय को धमकी भरा ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्टश्रावण और कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट:ADG बोले- कावड़ यात्रा रूट पर लगेंगे सीसीटीवी, ड्रोन से भी होगी निगरानीब्रेकिंग: जामताड़ा में RPF-GRP ने बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 7 बच्चों को बचाया, 3 तस्कर गिरफ्तार।बेकाबू ट्रेलर रोकने दौड़ा ड्राइवर, पहियों के नीचे आने से मौत; बालको रिंग रोड पर 5 दिन में दूसरा बड़ा हादसाराजस्थान के 27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, बीकानेर में जारी हुआ यलो अलर्टकल का मौसम: अगले 24 घंटे में... दिल्ली में भारी बारिश और इन राज्यों में रेड अलर्ट! IMD ने जारी की डरावनी चेतावनीISRO Bomb Threat: बेंगलुरु मुख्यालय को धमकी भरा ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्टश्रावण और कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट:ADG बोले- कावड़ यात्रा रूट पर लगेंगे सीसीटीवी, ड्रोन से भी होगी निगरानीब्रेकिंग: जामताड़ा में RPF-GRP ने बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 7 बच्चों को बचाया, 3 तस्कर गिरफ्तार।बेकाबू ट्रेलर रोकने दौड़ा ड्राइवर, पहियों के नीचे आने से मौत; बालको रिंग रोड पर 5 दिन में दूसरा बड़ा हादसाराजस्थान के 27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, बीकानेर में जारी हुआ यलो अलर्टकल का मौसम: अगले 24 घंटे में... दिल्ली में भारी बारिश और इन राज्यों में रेड अलर्ट! IMD ने जारी की डरावनी चेतावनी
Crime

38 साल पुराने हत्याकांड में आरोपी बरी:हाईकोर्ट ने कहा "गवाह गढ़े हुए और अविश्वसनीय, सबूत बनाए नहीं जाते

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के 1982 के एक बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी बसंत सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात द्वारा 28 अप्रैल 1988 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। जानिये क्या है मामला 15 अक्टूबर 1982 की रात मंगलपुर थाना क्षेत्र में रामाधार त्यागी के पुत्र कृष्णाधार उर्फ छोटे की उनके ट्यूबवेल पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी। घटन

दैनिक भास्कर2 Jul 2026, 18:45👁 0 views
38 साल पुराने हत्याकांड में आरोपी बरी:हाईकोर्ट ने कहा "गवाह गढ़े हुए और अविश्वसनीय, सबूत बनाए नहीं जाते
Advertisement

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के 1982 के एक बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी बसंत सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात द्वारा 28 अप्रैल 1988 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। जानिये क्या है मामला 15 अक्टूबर 1982 की रात मंगलपुर थाना क्षेत्र में रामाधार त्यागी के पुत्र कृष्णाधार उर्फ छोटे की उनके ट्यूबवेल पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी। घटन

Source: Bhaskar

Advertisement

Related News