38 साल पुराने हत्याकांड में आरोपी बरी:हाईकोर्ट ने कहा "गवाह गढ़े हुए और अविश्वसनीय, सबूत बनाए नहीं जाते
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के 1982 के एक बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी बसंत सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात द्वारा 28 अप्रैल 1988 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। जानिये क्या है मामला 15 अक्टूबर 1982 की रात मंगलपुर थाना क्षेत्र में रामाधार त्यागी के पुत्र कृष्णाधार उर्फ छोटे की उनके ट्यूबवेल पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी। घटन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के 1982 के एक बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी बसंत सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात द्वारा 28 अप्रैल 1988 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। जानिये क्या है मामला 15 अक्टूबर 1982 की रात मंगलपुर थाना क्षेत्र में रामाधार त्यागी के पुत्र कृष्णाधार उर्फ छोटे की उनके ट्यूबवेल पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी। घटन
Source: Bhaskar
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