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2030 तक दोगुनी हो सकती है डेटा सेंटरों की बिजली और पानी की मांग, क्या AI बन रहा है पर्यावरण के लिए नया संकट?
साल 2030 तक एआई और उससे जुड़े डेटा सेंटर दुनिया की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत उपयोग कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इन डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए जरूरी पानी की मात्रा वैश्विक आबादी की वार्षिक पेयजल आवश्यकता से भी अधिक हो सकती है।
shiv shukla7 Jun 2026, 16:16👁 2 views
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साल 2030 तक एआई और उससे जुड़े डेटा सेंटर दुनिया की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत उपयोग कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इन डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए जरूरी पानी की मात्रा वैश्विक आबादी की वार्षिक पेयजल आवश्यकता से भी अधिक हो सकती है।
Source: Times Now Navbharat
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