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2013 यौन उत्पीड़न मामला: Tarun Tejpal बरी होने का फैसला पलटा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी

वर्ष 2013 के बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 'तहलका' पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मापुसा ट्रायल कोर्ट के मई 2021 के उस फैसले को पूरी तरह पलट दिया, जिसमें तेजपाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। यह ऐतिहासिक फैसला जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंडेकर की डिवीजन बेंच ने सुनाया। हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं—376(2)(f) (भरोसेमंद

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क6 Aug 2026, 06:16👁 0 views
2013 यौन उत्पीड़न मामला: Tarun Tejpal बरी होने का फैसला पलटा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी
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वर्ष 2013 के बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 'तहलका' पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मापुसा ट्रायल कोर्ट के मई 2021 के उस फैसले को पूरी तरह पलट दिया, जिसमें तेजपाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। यह ऐतिहासिक फैसला जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंडेकर की डिवीजन बेंच ने सुनाया। हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं—376(2)(f) (भरोसेमंद

Source: Prabhasakshi

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