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2 अगस्त 1954: कैसे पुर्तगालियों से आजाद हुआ दादरा और नगर हवेली, जानिए 7 साल के अनोखे संघर्ष की कहानी

2 अगस्त 1954 दादरा और नगर हवेली के इतिहास का सबसे अहम दिन है. इसी दिन लंबे संघर्ष के बाद पुर्तगालियों का शासन खत्म हुआ था. भारत की आजादी के सात साल बाद भी यह इलाका पुर्तगाल के कब्जे में था. स्थानीय आदिवासियों, आजाद गोवा आंदोलन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और आजाद गोमंतक दल ने मिलकर विदेशी शासन को हटाया. इसके बाद सात साल तक यहां 'वरिष्ठ पंचायत' के जरिए जनता ने खुद शासन चलाया. 11 अगस्त 1961 को यह आधिकारिक तौर पर भारत का हिस्सा बन गया. जानिए इस ऐतिहासिक संघर्ष की पूरी कहानी.

anoop kumar mishra2 Aug 2026, 17:46👁 0 views
2 अगस्त 1954: कैसे पुर्तगालियों से आजाद हुआ दादरा और नगर हवेली, जानिए 7 साल के अनोखे संघर्ष की कहानी
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2 अगस्त 1954 दादरा और नगर हवेली के इतिहास का सबसे अहम दिन है. इसी दिन लंबे संघर्ष के बाद पुर्तगालियों का शासन खत्म हुआ था. भारत की आजादी के सात साल बाद भी यह इलाका पुर्तगाल के कब्जे में था. स्थानीय आदिवासियों, आजाद गोवा आंदोलन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और आजाद गोमंतक दल ने मिलकर विदेशी शासन को हटाया. इसके बाद सात साल तक यहां 'वरिष्ठ पंचायत' के जरिए जनता ने खुद शासन चलाया. 11 अगस्त 1961 को यह आधिकारिक तौर पर भारत का हिस्सा बन गया. जानिए इस ऐतिहासिक संघर्ष की पूरी कहानी.

Source: News 18 Hindi

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