Politics




12 गोलियों खाईं फिर भी नहीं छोड़ी पोस्ट, जंग शुरू हुई तो कैंसिल कर दी छुट्टी, कहानी उस जवान की जो 22 साल की उम्र में हो गया था शहीद
‘देश पहले, छुट्टी बाद में’ के जज्बे के साथ सागर के वीर सपूत कालीचरण तिवारी कारगिल युद्ध में छुट्टी रद्द कर मोर्चे पर लौट गए थे। दुश्मन की गोलियों से छलनी होने के बावजूद उन्होंने आखिरी सांस तक मुकाबला किया और 27 अक्टूबर 1999 को मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया...
chaitanya das soni15 Aug 2026, 00:45👁 0 views
Advertisement
‘देश पहले, छुट्टी बाद में’ के जज्बे के साथ सागर के वीर सपूत कालीचरण तिवारी कारगिल युद्ध में छुट्टी रद्द कर मोर्चे पर लौट गए थे। दुश्मन की गोलियों से छलनी होने के बावजूद उन्होंने आखिरी सांस तक मुकाबला किया और 27 अक्टूबर 1999 को मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया...
Source: Nbt Navbharattimes
Advertisement
Related News

PoliticsBREAKING
Breaking News Live Update 16 August : PM मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद, बोले- उनके विचारों और प्रयासों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया
12 hours ago
Politics
जानिए-अजमेर नगर निगम के किस वार्ड का कौनसा क्षेत्र:20 एससी, 2 एसटी, 16 ओबीसी और 14 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे; लॉटरी कल
12 hours ago

Politics
स्वतंत्रता दिवस पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में लगी ‘जेल अदालत’, 10 बंदियों को मिली रिहाई; कानून से लेकर स्वास्थ्य तक पर हुआ फोकस
12 hours ago
Politics
अडानी कंपनी के खिलाफ पानी में आधा डूबकर किसान सत्याग्रह:48 घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर टूटा अनशन ; देर रात कलेक्टर पहुंचे गुढ़ के अनशन स्थल
12 hours ago