Breaking
Hotel Wi-Fi Hacking Alert: होटल Wi-Fi बना हैकर्स का सबसे बड़ा हथियार! Microsoft ने यात्रियों को किया अलर्ट, जानिए कैसे हो रही जासूसी और बचने के तरीकेLive: संसद में दूर हुआ गतिरोध, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार हो गई तैयारबंगाल की खाड़ी में फिर मंडराया निम्न दबाव का खतरा, कोलकाता समेत पूरे बंगाल में भारी बारिश का अलर्टUP Rain Alert: हल्की बारिश और धूप ने बढ़ाई उमस, यूपी के नौ जिलों में अगले तीन घंटे तेज बारिश का ऑरेंज अलर्टदिल्ली में आतंकी खतरे को लेकर हाई अलर्टBreaking News: सुबह-सुबह बालोद रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव, हादसा या कुछ और? जांच जारीHotel Wi-Fi Hacking Alert: होटल Wi-Fi बना हैकर्स का सबसे बड़ा हथियार! Microsoft ने यात्रियों को किया अलर्ट, जानिए कैसे हो रही जासूसी और बचने के तरीकेLive: संसद में दूर हुआ गतिरोध, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार हो गई तैयारबंगाल की खाड़ी में फिर मंडराया निम्न दबाव का खतरा, कोलकाता समेत पूरे बंगाल में भारी बारिश का अलर्टUP Rain Alert: हल्की बारिश और धूप ने बढ़ाई उमस, यूपी के नौ जिलों में अगले तीन घंटे तेज बारिश का ऑरेंज अलर्टदिल्ली में आतंकी खतरे को लेकर हाई अलर्टBreaking News: सुबह-सुबह बालोद रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव, हादसा या कुछ और? जांच जारी
Crime

11 अगस्त 1942: जब सात युवाओं ने सीने पर खाईं अंग्रेजों की गोलियां, आज खंडहर हो रहा है शहीद जगतपति कुमार का पैतृक घर

औरंगाबाद/पटना: तारीख थी 11 अगस्त 1942 और जगह थी पटना सचिवालय। दोपहर के करीब 11 बजकर 2 मिनट। हाथों में तिरंगा लिए नौजवानों का एक जत्था सचिवालय की ओर बढ़ रहा था। मकसद था अंग्रेजी हुकूमत के बीच तिरंगा फहराना। लेकिन ब्रिटिश पुलिस ने गोलियां चला दीं। देखते ही देखते सात नौजवान देश की आजादी ... Read more The post 11 अगस्त 1942: जब सात युवाओं ने सीने पर खाईं अंग्रेजों की गोलियां, आज खंडहर हो रहा है शहीद जगतपति कुमार का पैतृक घर first appeared on AsianTimes .

ncrlocaldesk11 Aug 2026, 08:46👁 0 views
11 अगस्त 1942: जब सात युवाओं ने सीने पर खाईं अंग्रेजों की गोलियां, आज खंडहर हो रहा है शहीद जगतपति कुमार का पैतृक घर
Advertisement

औरंगाबाद/पटना: तारीख थी 11 अगस्त 1942 और जगह थी पटना सचिवालय। दोपहर के करीब 11 बजकर 2 मिनट। हाथों में तिरंगा लिए नौजवानों का एक जत्था सचिवालय की ओर बढ़ रहा था। मकसद था अंग्रेजी हुकूमत के बीच तिरंगा फहराना। लेकिन ब्रिटिश पुलिस ने गोलियां चला दीं। देखते ही देखते सात नौजवान देश की आजादी ... Read more The post 11 अगस्त 1942: जब सात युवाओं ने सीने पर खाईं अंग्रेजों की गोलियां, आज खंडहर हो रहा है शहीद जगतपति कुमार का पैतृक घर first appeared on AsianTimes .

Source: Asian Times

Advertisement

Related News