'है जवानी तो इश्क होना है' (रिव्यू): वरुण धवन की कॉमेडी से भरपूर फिल्म, खूब सारी उथल-पुथल, कन्फ्यूजन और डेविड धवन का क्लासिक एंटरटेनमेंट
कुछ फिल्में आपको सोचने पर मजबूर करती हैं। वहीं, कुछ फिल्में आपको इतना हंसाती हैं कि आपके गालों में दर्द होने लगता है। डेविड धवन की डायरेक्ट की हुई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' इसी दूसरी कैटेगरी में आती है। गलतफहमियों, बड़े-बड़े किरदारों, रोमांस, फैमिली ड्रामा और लगातार कॉमेडी से भरपूर यह फिल्म क्लासिक बॉलीवुड एंटरटेनर वाले फॉर्मूले को अपनाती है और ठीक वही देती है जिसका वादा करती है। डेविड धवन की लिखी, यूनुस सजावल के स्क्रीनप्ले और फरहाद सामजी के डायलॉग्स वाली यह फिल्म अपनी जबरदस्त कहानी और ब
कुछ फिल्में आपको सोचने पर मजबूर करती हैं। वहीं, कुछ फिल्में आपको इतना हंसाती हैं कि आपके गालों में दर्द होने लगता है। डेविड धवन की डायरेक्ट की हुई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' इसी दूसरी कैटेगरी में आती है। गलतफहमियों, बड़े-बड़े किरदारों, रोमांस, फैमिली ड्रामा और लगातार कॉमेडी से भरपूर यह फिल्म क्लासिक बॉलीवुड एंटरटेनर वाले फॉर्मूले को अपनाती है और ठीक वही देती है जिसका वादा करती है। डेविड धवन की लिखी, यूनुस सजावल के स्क्रीनप्ले और फरहाद सामजी के डायलॉग्स वाली यह फिल्म अपनी जबरदस्त कहानी और ब
Source: रॉयल बुलेटिन
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