हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी संदेह का लाभ आरोपी का अधिकार, कमजोर साक्ष्यों पर नहीं हो सकती सजा
जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता. अदालत ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था का मूल सिद्धांत है कि आरोप सिद्ध करने की पूरी जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष की होती है और जब तक अपराध संदेह से परे प्रमाणित न हो जाए, तब तक आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता. इसी महत्वपूर्ण टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स एक्ट के एक मामले में राज्य शासन द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया. मामले की सुनवाई न्यायमूर्त

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता. अदालत ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था का मूल सिद्धांत है कि आरोप सिद्ध करने की पूरी जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष की होती है और जब तक अपराध संदेह से परे प्रमाणित न हो जाए, तब तक आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता. इसी महत्वपूर्ण टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स एक्ट के एक मामले में राज्य शासन द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया. मामले की सुनवाई न्यायमूर्त
Source: Palpal India
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