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सिर्फ जिरह से खारिज हो सकती है एनआई एक्ट की कानूनी धारणा, आरोपी का विटनेस बॉक्स में आना जरूरी नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) के तहत वैधानिक उपधारणा (प्रिजम्पशन) को शिकायतकर्ता के क्रॉस-एग्जामिनेशन के जरिए सफलतापूर्वक खारिज किया जा सकता है। जस्टिस राकेश कैंथला की एकल पीठ [...]

law trend21 Jun 2026, 14:20👁 1 views
सिर्फ जिरह से खारिज हो सकती है एनआई एक्ट की कानूनी धारणा, आरोपी का विटनेस बॉक्स में आना जरूरी नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) के तहत वैधानिक उपधारणा (प्रिजम्पशन) को शिकायतकर्ता के क्रॉस-एग्जामिनेशन के जरिए सफलतापूर्वक खारिज किया जा सकता है। जस्टिस राकेश कैंथला की एकल पीठ [...]

Source: Law Trend - Legal News Network

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