Crime




सिर्फ़ 'आखिरी बार साथ देखे जाने' के आधार पर हत्या की सज़ा नहीं दी जा सकती: इलाहाबादहाई कोर्ट ने 1996 के दोहरे हत्याकांड मामले में तीन लोगों को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 1996 के दोहरे हत्याकांड मामले में तीन लोगों की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने कहा कि परिस्थितिजन्य सबूतों (Circumstantial Evidence) पर आधारित मामले में, सिर्फ़ "आखिरी बार साथ...
shahadat3 Aug 2026, 09:14👁 0 views

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 1996 के दोहरे हत्याकांड मामले में तीन लोगों की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने कहा कि परिस्थितिजन्य सबूतों (Circumstantial Evidence) पर आधारित मामले में, सिर्फ़ "आखिरी बार साथ...
Source: Live Law Hindi
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