संस्कारों से खाली होती नई पीढ़ी का सबसे दर्दनाक सच
प्रो. आरके जैन “अरिजीत” समाज की संवेदनहीनता अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुले घाव की तरह फैल रही है। जब कोई पिता, जिसने अपनी जवानी के सपने कुचलकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाया, बुढ़ापे में सोनीपत के वृद्धाश्रम की चारदीवारी में अंतिम सांस लेता है और उसकी संतानें अंतिम संस्कार में शरीर से नहीं, ... The post संस्कारों से खाली होती नई पीढ़ी का सबसे दर्दनाक सच appeared first on Ravivar Delhi .

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” समाज की संवेदनहीनता अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुले घाव की तरह फैल रही है। जब कोई पिता, जिसने अपनी जवानी के सपने कुचलकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाया, बुढ़ापे में सोनीपत के वृद्धाश्रम की चारदीवारी में अंतिम सांस लेता है और उसकी संतानें अंतिम संस्कार में शरीर से नहीं, ... The post संस्कारों से खाली होती नई पीढ़ी का सबसे दर्दनाक सच appeared first on Ravivar Delhi .
Source: Ravivar Delhi
Related News

Moradabad News: पंचायत में दो पक्षों में चले डंडे, दो घायल

Gorakhpur News: सावन शिवरात्रि पर तीन दिन यातायात डायवर्जन, भारी वाहनों की शहर में नो-एंट्री

Panipat News: जज्बे की जीत, 83 साल की उम्र में दर्शना ने भाला फेंक में जीता कांस्य पदक
