लेफ्टिनेंट से 'गजल के शहजादा' तक का सफर: मदन मोहन की कहानी, जिन्हें दुनिया ने उनके जाने के बाद पहचाना
भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में अगर कोई जोड़ी रूह को सुकून देने के लिए जानी जाती है, तो वह है संगीतकार मदन मोहन और 'सुर साम्राज्ञी' लता मंगेशकर की जोड़ी। 'लग जा गले', 'आपकी नजरों ने समझा' और 'नैना बरसे रिमझिम' जैसे गीतों ने आज भी अपनी जादुई पकड़ बना रखी है। लता मंगेशकर उन्हें न केवल अपना पसंदीदा संगीतकार मानती थीं, बल्कि उन्हें एक भाई की तरह मानती थीं। लेकिन संगीत की दुनिया के इस 'शहजादे' की कहानी जितनी सुरीली है, उतनी ही संघर्षपूर्ण भी रही है। सेना की वर्दी से संगीत के सुरों तक बहुत कम लोग जान

भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में अगर कोई जोड़ी रूह को सुकून देने के लिए जानी जाती है, तो वह है संगीतकार मदन मोहन और 'सुर साम्राज्ञी' लता मंगेशकर की जोड़ी। 'लग जा गले', 'आपकी नजरों ने समझा' और 'नैना बरसे रिमझिम' जैसे गीतों ने आज भी अपनी जादुई पकड़ बना रखी है। लता मंगेशकर उन्हें न केवल अपना पसंदीदा संगीतकार मानती थीं, बल्कि उन्हें एक भाई की तरह मानती थीं। लेकिन संगीत की दुनिया के इस 'शहजादे' की कहानी जितनी सुरीली है, उतनी ही संघर्षपूर्ण भी रही है। सेना की वर्दी से संगीत के सुरों तक बहुत कम लोग जान
Source: Ni News India
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