‘लेखक से मिलिए’ में गीतकार कैलाशदान बोले - सामाजिक पीड़ाओं को केंद्र में रख करता हूं रचना
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर राजस्थानी के गीतकार कैलाशदान कविया ने कहा है कि वे समाज में जो कुछ देखते हैं, उसी को केंद्र में रखकर गीतों की रचना करते हैं। फिर उसमें से कोई संदेश ग्रहण करें या न करें, यह श्रोताओं पर निर्भर करता है। यह बात उन्होंने रविवार शाम को यहां अग्रसेन नगर स्थित एक स्कूल में आयोजित सृजन सेवा संस्थान के मासिक कार्यक्रम ‘लेखक से मिलिए’ में कही। उन्होंने कहा कि सामाजिक विद्रूपताओं, विसंगतियों को देखकर उन्हें बहुत पीड़ा होती है। उनके अधिकतर गीत उन्हीं पीड़ाओं पर आधारित होते हैं।

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर राजस्थानी के गीतकार कैलाशदान कविया ने कहा है कि वे समाज में जो कुछ देखते हैं, उसी को केंद्र में रखकर गीतों की रचना करते हैं। फिर उसमें से कोई संदेश ग्रहण करें या न करें, यह श्रोताओं पर निर्भर करता है। यह बात उन्होंने रविवार शाम को यहां अग्रसेन नगर स्थित एक स्कूल में आयोजित सृजन सेवा संस्थान के मासिक कार्यक्रम ‘लेखक से मिलिए’ में कही। उन्होंने कहा कि सामाजिक विद्रूपताओं, विसंगतियों को देखकर उन्हें बहुत पीड़ा होती है। उनके अधिकतर गीत उन्हीं पीड़ाओं पर आधारित होते हैं।
Source: Bhaskar
Related News

'खराब रिव्यू ने हमारी बहुत मदद की', पेद्दी फिल्म पर बोले एक्टर

विजय सेतुपति की 'स्लम डॉग' का टीजर रिलीज, ब्लाइंड होते हुए भी करते दिखे एक्शन, पुलिस ऑफिसर बनीं तब्बू
Ameesha Patel Birthday: गोल्ड मेडलिस्ट हैं अमीषा पटेल, करोड़ों की नौकरी छोड़ चुना अभिनय का रास्ता
