युवाओं में जोखिम का भय बुजुर्गों से ज्यादा:जेन-जी में ठुकराए जाने का डर रिश्ते प्रभावित कर रहा
सोशल मीडिया और आभासी दुनिया में ज्यादा सक्रिय रहना आज की युवा पीढ़ी को वास्तविकता से दूर ले जा रहा है। कुछ रिसर्च और स्टडी के मुताबिक करियर, आर्थिक असुरक्षा, सोशल मीडिया के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता के बीच युवा किसी भी ऐसी स्थिति से बचना चाहते हैं, जिसमें अस्वीकृति, शर्मिंदगी या भावनात्मक चोट का खतरा हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रवृत्ति उनकी डेटिंग लाइफ और रिश्तों को भी प्रभावित कर रही है। ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के व्हीटली इंस्टीट्यूट और गैर-लाभकारी संस्था इंस्टीट्यूट फॉ
सोशल मीडिया और आभासी दुनिया में ज्यादा सक्रिय रहना आज की युवा पीढ़ी को वास्तविकता से दूर ले जा रहा है। कुछ रिसर्च और स्टडी के मुताबिक करियर, आर्थिक असुरक्षा, सोशल मीडिया के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता के बीच युवा किसी भी ऐसी स्थिति से बचना चाहते हैं, जिसमें अस्वीकृति, शर्मिंदगी या भावनात्मक चोट का खतरा हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रवृत्ति उनकी डेटिंग लाइफ और रिश्तों को भी प्रभावित कर रही है। ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के व्हीटली इंस्टीट्यूट और गैर-लाभकारी संस्था इंस्टीट्यूट फॉ
Source: Bhaskar
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