Breaking
देशभर में मानसून का कहर कायम; दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज, यूपी-देहरादून में अलर्ट, असम में बाढ़ से अब तक 100 लोगों की मौतड्वेन जॉनसन ने 'मोआना' के लाइव-एक्शन संस्करण का किया बचावCG BREAKING: साइबर ठगी मामले में म्यूल खाते के 13 धारक गिरफ्तारMPPSC Exam Alert: 18 अक्टूबर को होगी ADPO की परीक्षा, 107 पदों के लिए 29 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदनतेंदुए के खौफ के बीच प्रशासन अलर्ट 16 पिंजरे और ट्रैंक्विलाइजिंग टीम तैनातसरगुजा में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप : 74 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में संक्रमण का असरदेशभर में मानसून का कहर कायम; दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज, यूपी-देहरादून में अलर्ट, असम में बाढ़ से अब तक 100 लोगों की मौतड्वेन जॉनसन ने 'मोआना' के लाइव-एक्शन संस्करण का किया बचावCG BREAKING: साइबर ठगी मामले में म्यूल खाते के 13 धारक गिरफ्तारMPPSC Exam Alert: 18 अक्टूबर को होगी ADPO की परीक्षा, 107 पदों के लिए 29 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदनतेंदुए के खौफ के बीच प्रशासन अलर्ट 16 पिंजरे और ट्रैंक्विलाइजिंग टीम तैनातसरगुजा में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप : 74 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में संक्रमण का असर
Politics

मोहन भागवत का बड़ा बयान: भारत-पाक रिश्तों में संवाद की आवश्यकता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आम लोग भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं और स्थायी दुश्मनी का कोई समाधान नहीं है। भागवत ने संवाद और सामंजस्य की आवश्यकता पर जोर दिया, यह बताते हुए कि संघर्ष के समय भी रिश्तों को खत्म नहीं होना चाहिए। उनका यह बयान हाल के सैन्य तनाव के संदर्भ में आया है, जो पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट और कूटनीतिक संवाद को बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

narendra chaudhary8 Aug 2026, 13:46👁 0 views
मोहन भागवत का बड़ा बयान: भारत-पाक रिश्तों में संवाद की आवश्यकता
Advertisement

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आम लोग भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं और स्थायी दुश्मनी का कोई समाधान नहीं है। भागवत ने संवाद और सामंजस्य की आवश्यकता पर जोर दिया, यह बताते हुए कि संघर्ष के समय भी रिश्तों को खत्म नहीं होना चाहिए। उनका यह बयान हाल के सैन्य तनाव के संदर्भ में आया है, जो पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट और कूटनीतिक संवाद को बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

Source: Newzfatafat

Advertisement

Related News