मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा है, लिखकर डॉक्टर कूदा:गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ, बहन बोली-2 दिन पहले आती तो बचा लेती
मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है...गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। इस दौरान वह कहीं एक बार भी नहीं रुके। सीधे छत पर जाकर 8वीं मंजिल से नीचे कूद गए। वह सिर के बल गिरे, 2 बार पलटकर फिर सीधे हो गए और वहीं पर तड़पकर दम
मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है...गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। इस दौरान वह कहीं एक बार भी नहीं रुके। सीधे छत पर जाकर 8वीं मंजिल से नीचे कूद गए। वह सिर के बल गिरे, 2 बार पलटकर फिर सीधे हो गए और वहीं पर तड़पकर दम
Source: Bhaskar
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