मेंटल हेल्थ– सबकी ‘हां में हां’ मिलाता हूं:सबको खुश करता हूं, मेरी अपनी कोई पर्सनैलिटी नहीं, लगता है, मैं खुद को जानता ही नहीं
सवाल– मैं 27 साल का हूं और पिछले कुछ समय से एक अजीब बात नोटिस कर रहा हूं। मैं जब अपने परिवार के साथ होता हूं तो एक तरह से व्यवहार करता हूं, दोस्तों के साथ दूसरी तरह से और ऑफिस में एकदम अलग ही इंसान बन जाता हूं। कई बार लगता है कि मैं हर जगह लोगों की अपेक्षाओं के हिसाब से खुद को बदल लेता हूं। प्रॉब्लम ये है कि मुझे समझ नहीं आता कि इनमें से असली मैं कौन हूं। मैं किस तरह का इंसान हूं, मेरी अपनी पसंद-नापसंद क्या है। मैं खुद को नहीं जानता। इसलिए भीतर एक अजीब-सा खालीपन महसूस होता है। क्या यह पहचान से ज
सवाल– मैं 27 साल का हूं और पिछले कुछ समय से एक अजीब बात नोटिस कर रहा हूं। मैं जब अपने परिवार के साथ होता हूं तो एक तरह से व्यवहार करता हूं, दोस्तों के साथ दूसरी तरह से और ऑफिस में एकदम अलग ही इंसान बन जाता हूं। कई बार लगता है कि मैं हर जगह लोगों की अपेक्षाओं के हिसाब से खुद को बदल लेता हूं। प्रॉब्लम ये है कि मुझे समझ नहीं आता कि इनमें से असली मैं कौन हूं। मैं किस तरह का इंसान हूं, मेरी अपनी पसंद-नापसंद क्या है। मैं खुद को नहीं जानता। इसलिए भीतर एक अजीब-सा खालीपन महसूस होता है। क्या यह पहचान से ज
Source: Bhaskar
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