मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली परीक्षा में असफलता
पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल ही में संपन्न मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को अपनी पहली परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा है। यमन के हूथी विद्रोहियों ने जाज़ान में अरामको रिफाइनरी पर हमला किया, लेकिन इस नए गठबंधन ने कोई स्पष्ट सैन्य प्रतिक्रिया नहीं दी। यह घटना समझौते पर हस्ताक्षर के 48 घंटे बाद हुई, जिससे सामूहिक रक्षा की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। जानें इस समझौते के उद्देश्य और इसके पीछे की चुनौतियों के बारे में।

पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल ही में संपन्न मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को अपनी पहली परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा है। यमन के हूथी विद्रोहियों ने जाज़ान में अरामको रिफाइनरी पर हमला किया, लेकिन इस नए गठबंधन ने कोई स्पष्ट सैन्य प्रतिक्रिया नहीं दी। यह घटना समझौते पर हस्ताक्षर के 48 घंटे बाद हुई, जिससे सामूहिक रक्षा की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। जानें इस समझौते के उद्देश्य और इसके पीछे की चुनौतियों के बारे में।
Source: Newzfatafat
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