मऊ :जनता की आवाज -पूर्वांचल को राजनीति नहीं,रोजगार चाहिए।||Mau:Voice of the People - Purvanchal needs employment, not politics.||
मऊ : जनता की आवाज -पूर्वांचल को राजनीति नहीं,रोजगार चाहिए। ।।देवेन्द्र कुशवाहा ।। दो टूक : मऊ - -जब कोई उद्योग खत्म होता है, तो सिर्फ एक कारोबार बंद नहीं होता, बल्कि उसके साथ हजारों सपने भी दम तोड़ने लगते हैं। मशीनों की आवाज़ थमने के साथ ही रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं, परिवारों की आय प्रभावित होती है और युवाओं का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में खोने लगता है। कभी मऊ, मुबारकपुर और बनारस की पहचान उनके विश्व प्रसिद्ध बुनकरी और साड़ी उद्योग से होती थी। यहां के करघों की खनक सिर्फ कपड़ा नहीं बुनती थी
मऊ : जनता की आवाज -पूर्वांचल को राजनीति नहीं,रोजगार चाहिए। ।।देवेन्द्र कुशवाहा ।। दो टूक : मऊ - -जब कोई उद्योग खत्म होता है, तो सिर्फ एक कारोबार बंद नहीं होता, बल्कि उसके साथ हजारों सपने भी दम तोड़ने लगते हैं। मशीनों की आवाज़ थमने के साथ ही रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं, परिवारों की आय प्रभावित होती है और युवाओं का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में खोने लगता है। कभी मऊ, मुबारकपुर और बनारस की पहचान उनके विश्व प्रसिद्ध बुनकरी और साड़ी उद्योग से होती थी। यहां के करघों की खनक सिर्फ कपड़ा नहीं बुनती थी
Source: Do Took Media
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